Humdard #7




Episode#7

जगह: हॉस्पिटल

अजय आई.सी.यू. मैं था और राधिका , रिया ,निधि और अजय के सारे दोस्त लॉबी में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे । राधिका ने मॉल में ऐनवक्त पर अजय को इंजेक्शन तो दे दिया था पर वह होश में नही आया था तब उसे जल्द से जल्द हॉस्पिटल पहोचाया गया । सब के चहरे के होश उड़े हुए थे । रिया एक कोने में गुमसुम खड़ी थी । निधि ने उसे देखा तो उसके पास गई और उसके आखो के आंसू पोछे । तब रिया को यह अहसास हुआ कि उसकी आँखों में आंसू आ गए थे । वह सोच मैं पड़ गई कि वह रो क्यों रही है। तभी डॉक्टर आई .सी. यू से बहार निकले यह देख सब उसके पास दौड़े चले गए । उन सबको देखकर डॉक्टर ने सामने से ही कहा –

“डोंट वरी नाउ ही इज फाइन । अच्छा हुआ राधिका की तुमने उसे इंजेक्शन दे दिया वरना सिचुएशन और खराब हो सकती थी । आधे घंटे में उसे होश आ जाएगा ।”

“थैंक्स डॉक्टर । ” राधिका ने कहा

“थैंक्स से काम नही चलेगा भई मुजे उसका ऑटोग्राफ चाहिए । आई एम ए बिग फैन योर ब्रदर ।”

“ओह्ह बिल्कुल । ”

डॉक्टर वहा से चले गए। अजय को जनरल वोर्ड मैं शिफ्ट किया गया । जब सब अजय से मिलने गए तब अजय नर्स के साथ सेल्फी खिंचवा रहा था । सबको देखकर उसने सबको हाई कहा । वो ऐसे बिहेव कर रहा था जैसे कुछ हुआ ही न हो। राधिका एक कोने में मुह चढ़ाकर खड़ी हो गई । निधि ने कहा –

“अजय तुमने तो हमारी जान ही निकाल दी थी यार क्या जरूरत थी उसे खाने की जब कि तुम्हे पता था कि उसमें लहसुन है । अब तो तुम ठीक हो न ?”

अजय ने मुस्कुराते हुए हा में सिर हिलाया । उसकी नजरे रिया को ढूंढ रही थी पर वो उस कमरे में नही थी तभी राज बोला-

“हमने तो शादी भी कैंसिल कर दी है । जब त बिल्कुल ठीक हो जाएगा तब ही हम शादी करेंगे । क्यो निधि ?”

निधि ने भी राज की बात पर सहमति बताई यह देख अजय बोला –

“ओह्ह हेलो मेरा कोई भयंकर एक्सीडेंट नही हुआ है बस एलर्जी अटैक था जो शाम तक ठीक भी हो जाएगा और मुझे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज भी कर दिया जाएगा तो शादी रोकने की कोई जरूरत नही । शादी कल ही होगी ओके ”

“पर अजय । ”

” पर वर कुछ नही शादी कल ही होगी, एंड दैटस फाइनल क्यो दी बराबर है न ? ”

अजय ने अपनी बहन की तरफ देखा पर राधिका ने मुह फेर लिया । अजय ने अपनी बहन को कुछ कहने के लिये मुह खोला ही था कि अचानक कमरे में रिया ने प्रवेश किया और सीधा अजय के पास आई और उसके गाल पर जोरसे थप्पड़ जड़ दिया । यह देख राधिका ने कहा –

” वेरी गुड एक और मेरी तरफ से भी जड़ दे । ”

रिया ने हा में सिर हिलाया और एक और थप्पड़ अजय के गाल पर जड़ दिया । अजय ने गुस्से से रिया से कहा –

“पागल हो गई हो क्या ?”

” पागल में नही तुम हो गए हो , तुम्हे लहसुन से एलर्जी है तो क्यो वो खाना खाया हा तुम्हे कुछ हो जाता तो । ”

” तुमने ही तो कहा था कि मैं वह खाना खाऊंगा तो तुम्हे खुशी मिलेगी । तुम्हारे चहरे पर मुस्कान आएगी । ”

“हा तो । ”

“तो अगर मेरी मौत से तुम्हारे चहरे पर मुस्कान आती है तो ऐसी मौत मुजे खुशी खुशी कबूल है । ”

” महोब्बत मैं बस हर किसी को मरना ही क्यो है , मोहब्बत में जीना क्यो नही चाहते हो तुम लोग ? इसी लिए में मोहब्बत से दूर भागती हु । मोहब्बत का दूसरा नाम ही मौत है । अगर किसी दुश्मन से बदला लेना हो न तो बस उसे किसी से प्यार करवा देना, हर दिन हर पल मरेगा वह मोहब्बत सिर्फ मौत लाती है । ”

यह कहकर वह जाने के लिए मुड़ी ही थी कि अजय ने उसका हाथ पकड़ लिया और अपनी तरफ खिंचा जिससे रिया सीधे अजय के गोद में आकर गिरी । रिया ने अजय की तरफ देखा अजय ने रिया की आखों से बाल की लट हटाते हुए कहा –

” मौत तो एक दिन आनी है सबकी , तो क्यो न यह जिंदगी मोहब्बत के नाम ही कर दि जाए ? और दूसरी बात अगर मोहब्बत मौत का दूसरा नाम है तो यह मरना मुझे सो बार कबूल है । बस सिर्फ एक ही शर्त है सो की सो बार मोहब्बत तुमसे ही हो ।”

रिया गुस्से से उठकर वहा से चली गई । अजय मुस्कुराते हुए उसे जाते हुए देखता रहा फिर उसने अपनी बहन की तरफ देखा तो वह भी बिना कुछ बोले वहां से बहार चली गई । अजय ने खुदसे कहा –

“आज तो तेरी लगने वाली है अजय । ”

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जगह :रिया की होस्टल

रिया डिनर हॉल में बैठी थी । उसके सामने खाना पड़ा हुआ था पर वो खा नही रही थी, बल्कि वह अजय के बारे में सोच रही थी । उसके कानों में अजय के आखिरी शब्द गूंज रहे थे ‘ अगर मोहब्बत मौत है तो यह मरना मुझे सो बार कबूल है, सिर्फ एक ही शर्त है सो की सो बार तुमसे ही मोहब्बत हो । ‘ रिया जब हॉस्पिटल से वापिस आ रही थी तब निधि ने उससे जो कहा था वो भी उसके कानों में गूंज रहा था ‘ रिया जो इंसान तेरी एक पल की मुस्कुराहट के लिए हसते हसते मौत से भिड़ जाए उसे कभी मत छोड़ना । ‘ रिया को एकाएक क्या सूजा की उसने सामने रखी थाली में सारा नमक डाल दिया और पास में चटनी का जो डिब्बा था उसे खाली कर दिया । थाली में फिर सारा खाना मिक्स किया और एक चमच खाया और तुरंत ही उसका मुह जलने लगा और वह उठकर वाश बेसिन के पास गई और मुह में जो खाना था उसको थूक दिया और पानी के 3-4 ग्लास पी गई। उसने आईने में अपने आपको देखा । उसकी आँखों से आंसू निकल गए थे और पूरा मुह लाल हो गया था । उसने खुदसे कहा –

” एकदम पागल लड़का है । ”

रिया डिनर करके अपने रूम में आई और थोड़ी देर हवा खाने के लिए वह बालकनी में जाकर खड़ी हो गई । वह कैंपस के मैदान को देखने लगी तभी अचानक उसकी नजर बालकनी के कोने पर गई । वहां पर उसे गुलाब का गुलदस्ता पड़ा हुआ दिखा ।वो वही गुलदस्ता था जिसका काटा रिया को लग गया था और वह उस बालकनी मैं ही गिर गया था । वह अब भी कोने में पड़ा था । रिया उस गुलदस्ते के पास गई और उसे उठाकर बालकनी से फेकने वाली थी की अचानक वह रुक गई । उसका दिल उसे फेकने के लिए मना कर रहा था और आज उसने अपने दिल की ही बात मानी और उस गुलदस्ते को रूम में लेकर चली आई और उसे डोअर पर रखा और बेड पर आकर बैठ गई । उसने कुछ सोचा और एकाएक अपना मोबाईल लिया और नंबर डायल किए । उसने ग्रीन बटन पर क्लिक कर दिया और सामने से रिंग बजने की आवाज़ आने लगी ।

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जगह : अजय का घर

” दीदी कब तक बात नही करेगी यार । ”

अजय ने गुस्से से कहा । अजय हॉस्पिटल से घर आ गया था पर राधिका ने हॉस्पिटल से लेकर अब तक अजय से बात नही की थी । अजय उससे बुलवाने की कबसे कोशिश कर रहा था पर हर कोशिश नाकाम हो रही थी । अजय ने फिरसे राधिका से कहा –

” उठक बैठक करू क्या ? ” ( राधिका कुछ नहि बोली और डाइनिंग टेबल पर बैठ गई । ) ओके उठक बैठक कर रहा हु 10 चलेंगे न ? ”

राधिका चुपचाप वहां पड़ी मैगज़ीन पढने लगी । अजय ने उठक बैठक शुरू कर दी पर राधिका ने उसकी तरफ देखा तक नही । अजय ने उसे फिरसे बुलाया पर राधिका ने उसे इग्नोर कर दिया । अब अजय को गुस्सा आ गया और बोला –

” तुम तो ऐसे बिहेव कर रही हो जैसे में मर चुका हु ? कुछ ज्यादा नही हुआ है अभी में जिंदा हु मरा नही समझी, जो तुम इस तरह बिहेव कर रही हो ।”

यह सुन राधिका रो पड़ी । अजय ने अपनी बहन को छोटी बच्ची की तरह रोता देख दौड़कर उसके पास चला आया और सोरी सोरी बोलने लगा, पर राधिका रोये ही जा रही थी अपनी बहन को रोता देख उसके आखो में भी पानी आ गया । वह बोला –

“राधू मार ले यार पर इस तरह रो मत प्लीज , सोरी। देख तू रोएगी तो मुझे भी रोना आ जायेगा । ”

राधिका ने रोते हुए कहा –

” चैन से रोने भी नही देगा क्या ? एक पल के लिए भी अपनी बहन और माँ के बारे में नही सोचा । अगर तुजे कुछ हो जाता तो मेरा क्या होता ? मा का क्या होता ? एक बार भी नही सोचा और उस कमीनी के लिए मौत को गले लगा लिया । ”

“दी सबकुछ बोल यार पर रिया को कुछ न बोल यार । उसकी क्या गलती थी? उसे थोड़ी पता था कि मुझे लहसुन से एलर्जी है। मे पैदाईशी वैष्णव हु ।”

“सो बार कहूंगी उसे कमीनी समजे ! उसके वजह से आज मेरा भाई मुझसे छीन जाता । ”

राधिका अभी भी रो रही थी । अजय ने यह देख कहा –

“अच्छा बाबा रिया कमीनी अब तो खुश चल रोना बंद कर । (अजय ने अपनी बहन के आंसू पोछे ) और विक्रम महा कमीना । ”

राधिका यह सुनकर अजय को मैगजीन उठाकर मारने लगी और फिर अजय को गले लगा लिया । अजय बोला –

” अच्छे बच्चे रोते नही तू मेरा अच्छा बच्चा है ना ! ”

” में कोई छोटी बच्ची नही जो तू मुझे फुसला रहा है । ”

” वो तो मैंने देखा कौन अभी छोटी बच्ची की तरह रो रहा था।”

यह सुनकर राधिका ने मैगज़ीन जोर से मारी और कहा –

” क्या जरूरत थी ? यह सब करने की । ”

“एक सवाल पुछु दी? ”

” पूछ।”

” क्या तू विक्रम के प्यार में अपनी जान दे सकती है । ”

” अजय तू बात घुमा रहा है । ”

” मैं कोई बात नही घुमा रहा , में बस अपनी जगह तुम्हे रख रहा हु । बता जान देगी या नही ? ”

राधिका कुछ बोल नही पाई यह देख अजय हँसा और फिर बोला-

” प्यार है ही कमीनी चीज अच्छे खासे समझदार व्यक्ति को पागल बना देती है । ”

” हा समझ गई अब फिलोसोफी मत जाड़ना और यह बता की क्या खायेगा तू । ”

” खिचड़ी के अलावा कुछ भी चलेगा । ”

“ओके अब तू खिचड़ी ही खा बेटा ।”

“दी दिस इज नॉट फेयर ह।”

राधिका उठकर किचन में चली गई । अजय अपनी बहन के पिछे जा ही रहा था कि उसका फ़ोन बजा । अजय ने बिना स्क्रीन देखे फोन रिसीव किया । सामने से आवाज आई –

” हेलो अजय ! ”

“बाद में बात करता हु वरना आज खिचड़ी खानी पड़ेगी । ”

अजय फ़ोन काटने ही वाला था कि एकाएक उसने आवाज पहचान ली । उसने फ़ोन को कान पर लगाया और बोला –

“रिया ! क्या तुम हो ? ”

” हा । ”

“एक मिनिट ह । ”

अजय वही खड़े खड़े नाचने लगा । फिर खुद को कंट्रोल करके उसने फिरसे फ़ोन कान पर रखा और बोला –

“हा बोलो रिया ।”

“ज्यादा नाचने की जरूरत नही । ”

“तुम्हे कैसे पता ? ”

“व्हाट ? ”

“कुछ नही तुम्हे कुछ काम था क्या ? ”

“नही बस यह पूछने के लिए फ़ोन किया था कि तुम्हारी तबियत अब कैसी है ? ”

” फर्स्ट क्लास और तुम्हारे फ़ोन ने फर्स्ट क्लास प्लस बना दी । ”

“दवाई ली ? ”

“नही अभी खाना बाकी है । ”

“ओके और आलतू फालतू चीज मत खाना सिर्फ खिचड़ी खा लेना। ”

” ओके । ”

“अच्छा गुड नाईट फ़ोन रखती हूं । ”

” बस , हेलो! .. हेलो!.. ।”

रिया ने फ़ोन रख दिया था । अजय के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उसने जोरसे राधिका को आवाज लगाते हुए कहा –

” दी खिचड़ी ही बनाना ।”

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जगह : रिया का होस्टल रूम

समय : रात के 12 बजे

रिया चिल्लाते हुए जाग गई । उसका पूरा चहेरा पसीने से तरबतर था । वही फिरसे बुरा सपना ।उसने पानी पीने के लिए डोअर की तरफ देखा वहां पर उसकी नजर गुलदस्ते पर गई वह उठी और वह उस गुलदस्ते को उठाकर बालकनी में आ गई । उसने खुदसे कहा –

” मैं प्यार नही कर सकती अजय , आई एम सॉरी ।”

उसने वह गुलदस्ता नीचे फेंक दिया ।

( क्रमशः )

Aryan suvada

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