16th June

हेलो दोस्तों ! एक बार फिरसे आपके सामने हाजिर हु आपका अपना दोस्त आर्यन सुवाड़ा । सबसे पहले आप सभी को मेरे और से ईद मुबारक ।

आज जश्न ए ईद के साथ साथ मेरे सबसे अजीज़ दोस्त और दोस्त से बढ़कर भाई मुनाफ फ़ाज़लानी का जन्मदिन है । हम सभी के जिंदगी में बहोत सारे दोस्त बनते है पर कुछ दोस्त दिल के बहोत करीब होते है । जिनके बगैर जिंदगी अधूरी सी लगती है जिसकी गालिया भी हमे मीठी लगती है और ऐसा ही मेरा एक दोस्त है जिसका नाम मुनाफ फ़ाज़लानी जो मेरे दिल के बहोत करीब भी है और जिसकी गालियां मेरे लिए दवाइयों के बराबर है ।

मेरी सबसे पहली मुलाकात मुनाफ से महेश और मिलन के ज़रिए हुई थी । हम अरावली हाउस के बहार सीलिंग पर बैठे थे । मुनाफ एक था टाइगर देख के आया था और उसी की बात कर रहा था । फिर धीरे धीरे हम बहोत अच्छे दोस्त बन गए । यह दोस्ती और भी गहरी तब हुई जब मैं बरोडा गया । उस अनजान शहर में मेरा अपना कहने वाला मुनाफ ही था । हर पल मेरे साथ खड़ा रहा जब मुझे लगता के में नही कर पाऊंगा तब उसकी गालिया और उसकी बातें मुझे प्रेरित करती । और एक बार फिरसे में अपने काम में लग जाता जब भी में असहज महसूस करता हु तब मैं उससे बात कर लेता हूं । और में एकदम फ्रेश महसूस करने लगता हूँ हमेशा उसकी बातें मुझे कुछ अलग सीखा जाती है । उसके साथ बिताए हर पल चाहे वे पूरी रात बरोडा के बस स्टेशन पर बिताई रात हो या फिर रेलवे स्टेशन पर बिताए वे वक्त या अकोटा ब्रिज की वह सुमसान सड़क हो मेरी जिंदगी के शानदार वक्त में से एक है । मुनाफ की सबसे अच्छी बात यह है कि वो कभी हार नही मानता गिरता है पर फिरसे उठकर चलने की कोशिश जरूर करता है । चाहे कितना भी बुरा वक्त क्यों न हो वह अपनी चेहरे की हँसी गायब नही होने देता और यही चीज उसे सबसे स्पेशल बनाती है में शुक्र गुजार हु खुदा का की ऐसे दोस्त की दोस्ती मेरे नसीब में उसने लिखी है औऱ हमेशा उसे मेरा दोस्त बनाए रखना और हमेशा वह खुश रहे और खुशिया बाटता रहे यही दुआ है ।

जन्मदिन की बहोत सारी हार्दिक शुभकामनाएं और हमेशा खुश रहो मेरे दोस्त से बढ़कर भाई मुनाफ फ़ाज़लानी

-Aryan Suvada

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