500 followers

हेलो दोस्तो ! एक बार फिर से आपके सामने हाजिर हु आपका अपना दोस्त आर्यन सुवाड़ा । मुजे बेहद खुशी हो रही है आपको यह बताते हुए की हमारे इस सफर में हमने एक और मुकाम हासिल कर लिया है और यह मुकाम है 500 फॉलोवर । यह मुकाम मेरे लिए बहोत ही मायने रखता है , क्योंकि मैंने एक साल में ये मुकाम हासिल करने का सोचा था। पर आपके मेरी रचना के प्रति प्रेम और स्नेह के कारण हमने इसे 3 महीने में ही हासिल कर लिया है और साथ साथ 6000 व्यूज भी हमने पूरे कर लिए है । पर यह आपके सहयोग एवं प्रेम के बिना कभी पूरा न कर पाता इस लिए आप सभी का तहे दिल से धन्यवाद करना चाहूंगा । आपका बहोत-बहोत धन्यवाद जो आपने मेरी रचनाओं को पढ़ा उसे सराहा और अपने कमेन्ट के माध्यम से मुजे और ज्यादा लिखने के लिए प्रोत्साहित किया । मैं अपने गुरुजी श्री जयमल देसाई सर को भी एक बार फिरसे धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने मुजे तराशा और मुजे इस काबिल बनाया की में आपके सामने अपनी रचना पेश कर सकू । में अपने मित्रों मुनाफ फ़ाज़लानी , करन चावड़ा और केतन मियात्रा का भी शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जो मुजे हमेशा लिखने के लिए प्रेरित करते है । आज एक और व्यक्ति को सबसे ज्यादा धन्यवाद करना चाहूंगा जिसने मुझे लिखते रहने की वजह दी और वो है मेरी बेस्ट फ्रेंड और बहोत ही स्पेशल सिया । और ऐसा क्यो है यह आपको में बताता हूं ,

आजसे दो साल पहले की बात है जब मैं लिखने से बोर हो चुका था , मुझे तब यह काम बोझ लगने लगा था क्योंकि मैं कोई नई रचना ही नही लिख पा रहा था । जब भी लिखने बेठता तो बस अपनी पुरानी रचना के बारे में ही सोचने बैठ जाता । मेरा दिमाग ब्लॉक हो चुका था जो कई बार लेखकों के साथ होता है । मैंने यह फैसला कर लिया कि मैं लिखना बंद कर दूंगा और में इस बात पर मक्कम था । दूसरे दिन सिया के साथ मेरी डेट थी । मैंने यह बात सिया को बताने की ठान ली थी । अगले दिन में उसके साथ डेट पर गया । हमने साथ में वख्त बताया ,डिनर किया और फिर एक गार्डन के बेंच पर बैठकर अलग अलग विषयो पर बात कर रहे थे । मैंने अपने आपको मक्कम कर लिया था सिया को यह बताने के लिए की में लिखना छोड़ रहा हु पर पहले वह मुझे मेरे सपनो ( लक्ष्य ) के बारे में बताये जा रही थी । मैंने उससे पूछ लिया कि तुम्हारा सपना क्या है ? ( हमने बस शुरुआत की एक दूसरे को डेटिंग करने की तो मैं उसके बारे में ज्यादा नही जानता था ) । उसने मुस्कुराकर जो कहा आज तक मुझे लिखने के लिए प्रेरित करती है । उसने जो कहा वह यह था –

” तुम जब भी कोई रचना करो चाहे वे कहानी हो या कविता या नॉवेल उसकी सबसे पहली रीडर ( पाठक ) में बनु ।”

थैंक यू सो मच मेरी जिंदगी का हिस्सा बनने के लिए और मुझे हर दिन लिखने के लिये प्रेरित करने के लिए ।

और आप सभी पाठको का भी फिरसे धन्यवाद । आशा करता हु की अपनी रचनाओं से आपका मनोरंजन करता रहु और मेरी रचनाओं को आपका प्यार और स्नेह मिलता रहे । आपको अगर मुझसे कोई सवाल पूछना है तो कंमेंट के माध्यम से पूछ सकते है। में आप सभी के प्रश्न का उत्तर जरूर दूंगा । अब फिरसे मुलाकात होगी हमदर्द #6 के साथ तब तक के लिए अलविदा ।

– Aryan suvada

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