Humdard#5

Episode#5

समय : शाम का वक़्त

रिया और निधि दोनों बस का वैट कर रहे थे । अजय पूरे दिन कही नही दिखा था तो रिया को लगा कि सुबह को जितना झेला उतना ही था अब अजय परेशान नही करेगा । रिया ने चैन की सास ली तभी वहां पर अजय प्रकट हो गया और मुस्कुराते और हाथ में गुलाब लिए हुए रिया से बोला –

” हाई जानू ! जानू सुनते ही रिया ने मुह बनाया । ( अजय ने रिया को गुलाब थमाते हुए कहा ) हैप्पी रोज डे । जानता हूं तुम्हारा नेचर है उसके हिसाब से सुबह के सारे गुलाब कैंपस के किसी कचरे के पेटी में होंगे पर नो प्रॉब्लम , में एक और गुलाब ले आया । आई एम सॉरी में जानता हूं तुम मुजे मिस कर रही थी पर क्या करूँ काम ही ऐसा आ गया था कि तुम्हे समय दे नही पाया । आई एम सो …सॉरी जानू । ”

रिया ने गुस्से में वही गुलाब उसपर दे मारा और बोली –

यह जानू जानू क्या लगा रखा है , जानू माई फुट । एक बार और जानू कहा न तो मुह तोड़ दूंगी । अपने आपको समझते क्या हो हा । रात को गर्ल होस्टल में घुस आते हो और ऊपर से सारे कैम्पस में गुलाब से आई लव यू रिया लिखते हो । इतने जूते पड़ेंगे न बेटा की प्यार तो क्या अपना नाम तक भूल जाओगे समजे ……।”

रिया और बोलने वाली थी कि अजय ने उसके मुह पर हाथ दे दिया जिससे रिया बोलने के बजाय अम्म….अम्म.. ही कर पाई । अजय बोला –

” कितना चिल्लाकर बोलती हो यार गला दर्द नही करता तुम्हारा क्या ? हमारे तो कान फट गए । बहोत बोलती हो तुम । शादी के बाद ऐसे भी मुजे सुनना ही है , फिलहाल तो मुजे बोलने दो । अब सुनो में भी शरीफ घर से ही हु , मुजे कोई शोक नही तुम्हारा पीछा करने का । कल जब तुमने मेरा प्रोपोज़ ठुकराया उसके बाद में तुम्हारे सामने भी नही आने वाला था पर तुमने प्यार के बारे में उलटा सीधा बोलकर मुझे चैलेंज देने पर मजबूर कर दिया और तुमने मेरा चैलेंज एक्सेप्ट कर लिया । अब तुम चैलेंज से फिर रही हो , इट्स नॉट फेयर । ”

रिया ने गुस्से में अपने आँखों से अजय को उसके मुह से हाथ हटाने को कहा पर अजय ने उसे नजरअंदाज करते हुए कहा –

” देखो एक काम करते है । में तुम्हे तंग नही करूँगा पर एक शर्त है , तुम्हे यह मानना होगा कि तुम प्यार से कोई नफरत नही बल्कि डरती हो । (यह सुन रिया की आखों से गुस्सा गायब हो गया । आज पहली बार उसे बिना कहे किसी ने समजा था ) । तुम कहती हो कि प्यार का वजूद नही पर असल में अंदर ही अंदर कही यह भी मानती हो कि प्यार होता है , पर यह जो डर है वो उसे मानने नही देता और अगर मैं तुम्हारे साथ यह सात दिन रहा तो तुम मेरे प्यार में पड़ जाओगी । ”

यह सुन रिया ने अजय के हाथ में जोरसे काटा और अजय चीखते हुए हाथ उसके होठो से ले लिया औऱ छटपटाते हुए बोला –

” कुत्ते, बिल्लियों के खानदान से हो क्या ? ”

“आइंदा अगर मेरा मुह बंद करने की कोशिश की तो जान से मार दूंगी । मैं कोई डरती वरती नही हु । तुम सात दिन रहो या सात जन्मों तक तब भी में महोब्बत से नफरत ही करूँगी । ”

रिया बोल रही थी तब अजय ने वही खड़ी इन दोनों को देख रही निधि पर गया । निधि के चेहरे पर साफ उदासी छलक रही थी यह देख अजय ने रिया की बात काटते हुए निधि से कहा-

” हाई ब्यूटीफुल लेडी ! तुम निधि हो न ? ”

निधि ने हा मैं सर हिलाया । अजय ने आगे कहा –

“खूबसूरत चेहरे पर उदासी अच्छी नही लगती , व्हाट हैपन। ”

निधि ने कोई जवाब नही दिया तब अजय ने कहा –

” लेट मि गेस ।”

उसने हवा में थोड़ी देर हाथ घुमाया और सोचने वाली मुद्रा की फिर एकाएक बोल उठा –

” राज सक्सेना ”

“तुम राज को कैसे जानते हो । ”

“हम सब जानते है । ”

यह कहकर अजयने निधि के हाथ से उसका मोबाइल ले लिया और फ़ोन को देखते हुए बोला –

“अहा नो पैटर्न एंड पिन पासवर्ड बहोत शरीफ हो तुम । ”

अजयने निधि के मोबाइल से राज का नम्बर लेके अपने मोबाइल से राज को फ़ोन किया । दो बार रिंग बजी तीसरी बार में राज ने फ़ोन रिसीव किया और अजय घबराते हुए बोला –

हेलो राज बोल रहे है , देखिये मैं ग्रीन रॉड से बोल रहा हु यहा पर एक लड़की का एक्सीडेंट हो गया है और उसके मोबाइल मैं लास्ट कॉल आपको किया गया था तो आप जल्दी से नित्या हॉस्पिटल आ जाये हम उसे वही ले जा रहे है । जी आई – कार्ड से निधि पांडे नाम है लड़की का । हा आप जल्दी आइये । ”

अजय ने फ़ोन रख दिया । निधि ने हड़बड़ाकर कहा –

” मेरा एक्सीडेंट कब हुआ (फिर निधि अजय की बात समझ गई ) । वो नही आएगा राज गाँव जा चुका है । ”

अजय ने मुस्कुराकर कहा –

“मेरे होते हुए बिल्कुल नही ।”

अजय ने अपनी कार में दोनों को बैठने को कहा । रिया बैठने के लिए मान नही रही थी पर निधि ने उसका हाथ पकड़ के अजय की कार में बिठाया और नित्या हॉस्पिटल की तरफ चल दिये ।

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राज ने हांफते हुए नित्या हॉस्पिटल के जनरल वोर्ड मैं प्रवेश किया । उसने देखा कि निधि एक बेड पर सोई हुई है । वो तुरंत ही दौड़कर वहा पहुँचा और निधि के बेड पर घुटने के बल बैठ गया और निधि के गालो पर हाथ रखकर बोला –

” निधि है निधि आँखे खोलो देखो तुम्हारा टेडी आ गया है। ”

उसने वहा खड़े अजय रिया और निखिल को देखते हुए कहा-

“यह आँखे क्यो नही खोल रही , कोई डॉक्टर इसका इलाज क्यो नही कर रहा है ? डॉक्टर … ”

अजय ने कहा –

यार निधि उठ जा यार वरना हमे भी रुलाएगा । देख बिचारा कैसे रो रहा है ।

निधि उठते हुए बोली –

” क्या अजय थोड़ी देर तो रुकते ! कितना मजा आ रहा था रोतलु को देखकर । ”

अजय ने कहा-

“तुम कैसे देख रही थी तुम्हारी आँखे तो बन्द थी । ओह महसूस !”

राज ने कहा-

“तुम्हारा तो एक्सीडेंट …”

“नही हुआ ” निधि ने राज के वाक्य को काटते हुए कहा ।

राज अपने आंसू छुपाते हुए वहा से जाने लगा तभी निधि ने पीछे से उसका हाथ पकड़ लिया और निधि ने कहा –

” रोतलु अगर इतना प्यार करते हो तो दूर क्यो भाग रहे हो ? यह दूरिया क्यो ? ”

राज खामोश रहा तब अजय बोला –

” यह में बताता हूं । दरअसल बात यह है कि राज के पापा अगले महीने चल बसे है । ”

निधि ने चौकते हुए राज के तरफ देखा । अजय ने आगे कहा –

“और घर की सारी जिम्मेदारी इस पर आ गई है और इसलिए इसे अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ रही है और कई सारी मुश्किलें है , जैसे घर का कर्जा और बहन की पढ़ाई और इन सब जमीलो से दूर और तुम खुश रहो इसलिए तुम्हे अपने तकलीफों मैं भागीदार बनाना नही चाहता था । इस लिए तुमसे दूरिया बनाए हुए था ।”

निधि राज के पास आई और बोली –

” राजू ”

राज ने दूसरी तरफ देखा और कहा –

मुझे पता था कि तुम नही मानोगी । तुम हमेशा अपने दिल की करती हो इस लिए तुमसे दूरिया बनाई । तुम्हे कुछ नही बताया । पता नही कब इन सब में से निकल पाऊंगा या फिर निकल पाऊंगा भी की नही यह तक नही पता । में तुम्हे यह जिंदगी नही देना चाहता हु । अपनी खुशियों के लिए तुम्हारी जिंदगी बर्बाद नही करना चाहता । ”

अजय ने बीच में कहा –

” देख भाई मानता हूं तू अपनी जगह सही है और उसकी भलाई के लिए तू फैसले ले सकता है । पर सिर्फ तूने ही तो प्यार नही किया है , उसका भी कुछ हक्क बनता है तुमपर । तो कुछ फैसले दोनों के होने चाहिए । तुजे लगता है तेरे बिना यह खुश रह पाएंगी ?”

“तुम लोग समझ नही रहे हो । “राज ने चिढ़ते हुए कहा

निधि ने राज को गले लगाया । यह देखकर अजय और रिया वहा से निकल गए । अजय और रिया रूम के बहार इंतजार कर रहे थे । आधे घंटे बाद निधि बाहर आई । रिया ने कहा –

“राज माना कि नही ? ”

“नही पर मना लुंगी । ” निधि मुस्कुराई । उसने फिरसे कहा

“रिया मैं राज के साथ ही रहूंगी । आज तुम अकेली होस्टल चली जाओ इससे पहले की 10 बज जाए । ”

रिया ने कहा –

“यहा से तो टैक्सी भी जल्दी नही मिलेगी । ”

निधि ने अजय से कहा –

” अजय रिया को होस्टल तक ड्राप कर दोंगे ? ”

अजय ने मुस्कुराते हुए कहा –

” नेकी और पूछ पूछ । ”

“मर जाऊंगी पर इसके साथ नही जाऊंगी ।”

निधि ने कहा –

“कोई दूसरा ऑप्शन है ?”

“बहोत पकाएगा यार ये । ”

अजय ने बीच मैं आकर कहा –

“माँ कसम कुछ नही बोलूंगा पिन ड्राप साइलेंस । ”

रिया पहले नही मानी पर फिर दूसरा कोई ऑप्शन ना देखते हुए अजय के साथ जाने के लिए हामी भर दी ।

शर्त के मुताबिक अजय पूरे रास्ते चुप रहा । होस्टल से आधे किलोमीटर दूर अजय ने अपनी कार रोक दी । यह देख रिया बोली-

यहा क्यो रोक दी अभी आधा किलोमीटर दूर है ।

” जिंदगी के कुछ कदम तुम्हारे साथ चलना चाहता हु फिर मौका मिले या न मिले । ”

रिया यह सुन गुस्से में कार से उतर गई । और अजय भी कार से उतरकर उसके साथ चलने लगा । कुछ कदम चलने के बाद एकाएक रिया बोली –

“एक बात पुछु ?”

“एक क्या सो पूछो । वैसे भी तुम्हारी आवाज मेरे दिल को सुकून पहोचाती है। ”

” शट अप! ज्यादा फिल्मी होने की जरूरत नही । तुम्हे इतना यकीन कैसे था कि निधि के एक्सीडेंट की खबर सूनके वह दौड़ा चला आयेगा , जबकि निधि उसे सो बार मिलने गई तब भी वह उसे नही मिला । ”

” जब मैंने छानबीन की और राज के महान त्याग के बारे मैं पता चला तो एक बात तो साफ हो गई थी कि राज की जिंदगी में निधि बहोत अहम है , भले ही अपने गम में वो निधि को शामिल न करे पर निधि के दुख में हमेशा आगे रहेगा । तो बस इसी का फायदा उठाया । इन दोनो के बीच का प्यार बहोत मजबूत था । याद है तुमने मुझसे कहा था कि प्यार होता क्या है । मेरे हिसाब से प्यार की कोई परफेक्ट डेफिनेशन नही है । यह हर बार एक नए रूप में पेश होता है । जैसे इस केस मैं त्याग था । ”

“थैंक्स , निधि की मदद करने के लिए । ”

अजय यह सुन खुश हो गया । उसने कहा-

“अरे यह तो कुछ भी नही! ”

अजय आगे बोलता उससे पहले रिया बोल उठी-

“एक और सवाल है पुछु ?”

“हा बेशक पूछो ।”

मुंबई छोड़ने के बाद कहा बसने वाले हो ?

अजय के कदम ठहर गए । रिया की होस्टल आ गई थीं । इस लिए रिया होस्टल के गेट के अंदर चली गई और गेट उसी वक्त बन्द हुआ । अजय और रिया के बीच गेट आ गया था अजय रिया को जाते हुए देखता रहा ।

( क्रमशः)

Aryan suvada

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