छोटा सा दिल हमारा

यादो के मंज़रो में डूब गए है कही

न जाने कब होगी वो शाम ,

जब हाथो मे हो तेरा हाथ,

जो लाये होंठो पर प्यार सी मुस्कान,

हो कुछ खट्टी मीठी तकरार तेरे मेरे दरमियां

ना आये कभी दूरिया तेरे मेरे दरमियां

लफ़्ज़ों में छुपा एहसास हो तुम

सपनो में देखा एक ख्वाब हो तुम

प्यार वो समंदर है जो पुरी धरती को घेरे है

उसी प्यार में बस मेरा विश्वास हो तुम

पास न हुए तो क्या हुआ सनम

जरा अपनी नज़रे क्षितिज में फेर लेना तुम

जहा दिखे जमीन आसमा मिले हुए ।

वही मिल जाएगा आशियाना हमारा तुम्हारा

हाथो की लकीरें चाहे जो हो

अपनी अंजुली मिलाना उसी में मिल जाएगा

छोटा सा दिल हमारा।

– Sia

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