Happy mother’s day : एक नई सोच

हेलो दोस्तो ! एक बार फिरसे आपके सामने हाजिर है आपका अपना दोस्त आर्यन सुवाड़ा । सबसे पहले आप सभी को माँ , अम्मी , मातृ , बा ,अम्मा ,बिजी , माई ,आई , अववा और मदर डे ( दिन ) कि हार्दिक शुभकामनाएं । मेरी ही माँ इस संसार की सर्वश्रेष्ठ माँ है यह कहकर दूसरी माओ को मैं अपमानित नही करना चाहूंगा क्योकि माँ तो माँ होती है उसकी तुलना कैसे की जाए वह तो अतुलनीय है । माँ ईश्वर की वो सर्वश्रेष्ठ रचना है जिनकी ममता का आधीन स्वयं ईश्वर है इस लिए धरती पर बार बार मनुष्य बन इस ममता का पान करने आता रहता है । और तो और उसे एक माता की ममता से जी नही भरता इस लिए राम अवतार में 4 माताओ का प्यार और कृष्ण अवतार में दो माता की ममता का आनंद लेता है ।

माँ पर तो कई महान लेखकों और कवियों ने अपने कलमों की स्याही खत्म कर दी पर इस विषय पर कभी पूर्णविराम नही लगा क्योकि माँ वह कहानी है या वह विषय है जिसका कोई अंत नही वह अंनत है । इसलिए माँ और उसके ममता पर कुछ लिखने की सर्मथ्य मेरी तुच्छ कलम मैं नही है । पर अपनी माता के बारे मे और मदर्स डे पर कुछ लिखना चाहूंगा।

में ,मेरी माता और मदर्स डे

मेरे और मेरी माँ के बीच टॉम एंड जेरी जैसा नाता है । विचारों मैं अंतर होने के वजह से कई बार तू तू मैं मैं होती है । पर जब अपनी माँ से में दूर होता हु तो उसकी कमी जरूर महसूस करता हु और कोई भी बहाना करके उनसे बात करने की कोशिश करता हु । आज भी मुझे याद है कि बचपन मे किसी शादी पर हम जाते थे तो मैं अपनी माँ का पल्लू पकड़कर उनके पीछे पीछे घुमा करता, यहा तक कि 10वी में अपने क्रश को प्रोपोज़ करने से पहले अपनी मम्मी को बताया था , और तो और 17 साल तक मैं नाई के पास बाल कटवाने के लिए अपनी माँ को अपने साथ ले जाता जिस वजह से मेरे रिश्तेदारों ने मुझे एक नाम दिया था और वह नाम था ‘ मावड़ीयो ‘ ( मम्मा बोय ) यह शब्द खासकर मुझे चिढ़ाने के लिए उपयोग किया करते थे । पर इस शब्द से मुझे कोई आपत्ति नही थी बल्कि मुझे इस बात पर गर्व होता था कि मैं मम्मा बॉय हूं।

 

 

मुझे 8वी में पता चला था कि मदर डे जैसी भी कोई चीज होती है पर में मदर डे में मानता नही था क्योंकि मेरा मानना था कि सारे दिन मम्मी के ही होते है तो ऐसा क्या है कि मई महीने के दूसरे रविवार को माँ के प्रति और ज्यादा प्यार आ जाता है । इस लिए में न ही इस दिन को मानता था और न ही इस दिन को याद रखता था इस वजह से में मम्मी को में मातृ दिवस की शुभकामनाएं नही दे पाता इस वजह से मम्मी हमेशा मुझसे नाराज रहती । पर 10वी में मेरे एक दोस्त को अपने माता पिता का जन्मदिन मनाते हुए देखा और उनके माता पिता के चेहरे पर जो खुशी थी वो खुशी और मुस्कुराहट अपने माँ के चेहरे पर भी देना चाहता था इस लिए घर पर मैंने अपनी माँ से उनकी जन्म तारीख पूछी पर मुझे पता चला कि उनकी कोई जन्म तारीख ही नही है। स्कूल में न पढ़ने के कारण और पुराने समय में जन्म सर्टिफिकेट कोई बनाता ही नही था इस लिए उनकी कोई जन्म डेट ही नही थी और यही हाल मेरे नानी के साथ भी था और उनकी भी जन्मदिन की कोई तारीख नही थी । में थोड़ा हताश हुआ पर मुझे उन दोनों का जन्मदिन मनाना ही था तो फिर मैंने यह तय किया मदर्स डे के दिन ही मेरी माँ और नानी का जन्मदिन में मनाऊंगा और हर मदर्स डे में अपनी नानी और मम्मी का बर्थडे मनाता हु और आज मेरी नानी और मेरी माँ का जन्मदिन है । मेरी नानी एवं मेरी मम्मी को मेरी तरफ से जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।

आपसे भी एक गुजारिश है कि ऐसे कई माँ , नानिया और मासिया है जिनकी कोई जन्म तारीख नही है तो मदर्स डे पर उन सभी लोगो का जन्मदिन मनाकर उनके चेहरे पर एक हँसी दे

और यह आर्टिकल मैं मेरी माँ और नानी को समर्पित करता हूं।

आपको यह आर्टिक्ल कैसा लगा यह कमेंट में जरूर बताएं और इसे लाइक और शेयर जरूर करे अब फिरसे मुलाकात होगी एक नए आर्टिकल के साथ तब तक के लिए अलविदा

समस्त संसार का शीश जिसके सामने जुके वह ईश्वर

ईश्वर जिसके प्यार के सामने जुके वह माँ ।

I love you mom

Aryan suvada

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